तुम आए ज़िंदगी मे कहानी बन कर, तुम आए ज़िंदगी मे रात की चाँदनी बन कर, बसा लेते है जिन्हे हम आँखो मे वो अक्सर निकल जाते है आँखो से पानी बन कर
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